इलायची क्या है इसके औषधीय गुण और लाभ

इस आर्टिकल में इलायची से जुड़ी जानकरी शेयर की गई है।

इलायची कितने प्रकार की होती है, इलायची खाने से होने वाले फायदे और नुकसान में बारे में भी इस पोस्ट शेयर किए गए है।

इलायची का सबसे ज्यादा उत्पादन तमिलनाडू कर्नाटक और केरल में किया जाता है इसके गुणों के कारण सब्जी में खुशबू लाने के लिए इसका इस्तमाल करने के साथ मिठाई बनाने में और माउथ फ्रेशनर के लिए किया जाता है।

हरी इलायची का स्वाद सबको पसंद होता है दोनों इलायची का आकार और रंग दोनों अलग-अलग होते है।

इलायची क्या है

इलायची एक साबुत मसाला है जिसका इस्तमाल खाने में और मुँह की दुर्गन्ध दूर करने में किया जाता है हरी इलायची को छोटी इलायची के नाम से जाना जाता है और काली इलायची को बड़ी इलायची के नाम से जाना जाता है।

दोनों इलायची के आकार भी अलग-अलग होते है

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Elaichi

इलायची की खेती

इलायची की खेती मुख्य रूप से दोमट मिटटी में होती है इसके अलावा आप और किस्म की मिटटी में भी इलायची का उप्तादन कर सकते है

इलायची की खेती के लिए जगह का पी एच मान 5 से 7 के बीच का होना चाहिए।

जिस क्षेत्र में आप इलायची का उत्पादन करना चाहते है उस क्षेत्र की हवा में नमी होने के साथ जगह छायादार होनी चाहिए।

जिस जगह पर आप इलायची की खेती करना चाह रहे है उस क्षेत्र की ऊंचाई समुद्र तल से 650 से 1500 मीटर की ऊंचाई होना बहुत जरूरी है।

वैसे तो इलायची के खेत का तापमान सामान्य जरूर होता है लेकिन अधिक ठंडी में 10 डिग्री और गर्मी में अधिकतम 35 डिग्री होना चाहिए।

इलायची के पौधे उगाने के लिए खेत को 10 से 15 दिन पहले तैयार किया जाता है।

यदि आपने खेत में पहले से कोई दूसरी फसल को उगाया था तो इलायची की खेती करने के लिए सबसे पहले उस फसल के अवशेष को खेत से हटाना पड़ेगा।

जब अवशेष हट जाए तो गहरी प्लाऊ करवा कर जुताई करे

उसके बाद खेत के चारो और मेड बना दे ताकि वर्षा का पानी खेत में भर जाये और बाद में सिचाई की जरूरत कम पड़े।

मेड बनाने के बाद एक बार फिर से खेत की गहरी जुताई करे ताकि पूरे खेत की मिटटी समतल हो जाए।

इलायची के पौधों को खेत में लगाने से पहले नर्सरी में तैयार किया जाता है

एक हेक्टेयर भूमि 1 kg इलायची के बीज काफी होते है।

नर्सरी में पौधे तैयार करने के लिए बीच क्यारिया बनाकर बोये जाते है

बीच की क्यारी में बोने से पहले एक क्यारी में 20 किलो के लगभग खाद मिटटी के साथ मिला कर डाली जाती है।

मिटटी और खाद मिलाने के बाद क्यारी में बीज बोये जाते है उसके बाद पानी की सिचाई करने के लिए सिचाई पम्प का उपयोग किया जाता है ताकि सिचाई करते समय बीच मिटटी से बाहर न निकले।

जब बीज अंकुरित हो जाए तो अंकुरित बीज के ऊपर सुखी घास पूस डाल दे ताकि अंकुरित बीच को अंदर ही अंदर नमी मिलती रहे। जब पौधे बड़े हो जाए तो उन्हें खेत में लगा दे

इलायची में पाए जाने वाले पोषक तत्व

  • विटामिन
  • आयरन
  • पोटेशियम
  • नियासिन
  • मैग्नीशियम
  • रिबोफ्लेबिक
  • कैल्शियम
  • कोलेस्ट्रॉल
  • कैलोरी
  • पोटेशियम
  • सोडियम

हरी इलायची को खाने से होने वाले फायदे

हरी इलायची खाने के निम्नलिखित लाभ है।

1. सर्दी-खासी और गले की खरास को ठीक करने में

सर्दी के मौसम में अक्सर सर्दी खासी किसी को भी हो जाती है सर्दी अपना जोर पूरी तरह से दिखाती है जिससे गले में खरास सिर दर्द होना हाथ पैर में दर्द होने जैसी समस्याए होती है।

गले में खरास होने पर बात करने में दिक्कत होती है खाना खाते नहीं बनता है गले में कुछ फसा सा रहता है

यदि आप रोज रात में और सुबह खाली पेट एक इलायची को चबा कर खायेगे और पानी को गुनगुना करके पियेंगे तो दो दिन में ही आपको सर्दी में राहत मिलेगी साथ ही गले में होने वाली खरास भी बहुत जल्द सही हो जायेगी।

2. ब्ल्ड प्रेशर कम करने में

हरी और छोटी इलायची में ब्लड प्रेशर को नियंत्रत करने के गुण पाए जाते है जिससे बड़े हुए ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।

छोटी इलायची में ह्रदय संकुचन और ह्रदय विराम अवस्थ में भी ब्लड प्रेशर को कम करने के गुण होते है। जिन लोगो को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो उनके लिए छोटी हरी इलायची फायदेमंद हो सकती है।

3. एनीमिया को ठीक करने में

इलायची में लोहा, मैगनीज, तबा, नियासिन और विटामिन सी जैसे गुण पाए जाते है ये सभी गुण थकान और कमजोरी को दूर करते है और एनीमिया को ठीक करने में मदद करते है।

4. मुंह की दुर्गंध दूर करने में

मुँह से दुर्गंध आना एक बहुत बड़ी समस्या है मुँह से जब दुर्गंध आती है तो हम किसी से बात करते है तो सास छोड़ते समय वह दुर्गंध बाहर निकलती है जिससे बात तक करने में शर्म महसूस होती है।

जब आप के मुँह से किसी कारण से दुर्गंध आये तो आप ब्रश करते है जिससे कुछ हद तक मुँह से आने वाली दुर्गंध दूर हो जाती है यदि आप उस दुर्गंध को पूरी तरह से हटाना चाहते है तो आपको रोज दिन में एक दो बार इलायची का सेवन करना चाहिए।

5. हिचकी ठीक करने में

हिचकी आना एक आम बात है लेकिन कभी-कभी क्या होता है हम किसी मीटिंग या किसी जरूरी काम को करते है और हिचकी आने लगती है और ये लगातार आने लगती है जिससे हमें थोड़ा अजीब सा लगने लगता और काम पर ध्यान नहीं दे पाते है।

जब आपको हिचकी लगातार आये तो आपको एक इलायची को मुँह में दवा लेनी चाहिए।

6. पाचन से जुडी समस्याओ को दूर करने में

भारतीय खाने में साबुत मसाले का उपयोग प्राचीन काल से ही हो रहा है क्योकि साबुत मसालों में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते है जो हमारे पेट से जुड़ी समस्याओ को ठीक करने में मदद करती है, इसी तरह छोटी इलायची का उपयोग भी सब्जी और मिठाई बनाने में अधिक किया जाता है क्योकि इसमें पाए जाने वाले तत्व हमारे पेट को गैस से राहत दिलाते है।

इलायची का सेवन करने से आंते खराब नहीं होती है इसके साथ ही पेट दर्द में आराम मिलता है और पेट में छाले होने पर भी इलायची उन छालो को आसानी से ठीक कर देती है।

इलायची खाने से होने वाले नुकसान

अधिक इलायची खाने से होने वाले नुकसान निम्नलिखित है

  • इलायची का सेवन अधिक करने से जैसे एक दो साल लगातार करने से एलर्जी हो सकती है।
  • यदि आप इसका इस्तमाल माउथ फ्रेशनर के रूप में कर रहे है तो कम मात्रा में ही करे नहीं तो आगे चल कर सास से जुडी समस्या हो सकती है।
  • इलायची के अधिक सेवन से आपके शरीर में इन्फ़ेक्सन हो सकता है जैसे खुजली होना पूरे शरीर पर लाल धब्बे होना जैसी समस्या हो सकती है।

इलायची के औषधीय गुण

इलायची में निम्नलिखित औषधीय गुण होते है

छाले –

यदि आपके मुँह में छाले है तो आप इलायची से छालो को पूरी तरह ठीक कर सकते है बड़ी इलायची को मिश्री के साथ मिला कर महीन पीस ले और जीभ पर रख ले जीभ पर रखने से मुँह की लार के साथ थोड़ा-थोड़ा इलायची और मिश्री का पाउडर पूरे मुँह में फेल जायेगा और आपके मुँह के छालो को धीरे धीरे भर देगी।

बदहजमी –

कभी कभी खाना खाते समय या कोई अच्छा लगने वाला खाद्य पदार्थ हम ज्यादा खा लेते है जिससे बदहजमी हो जाती है, ऐसे में आपको इलायची खा लेनी चाहिए। इलायची खाद्य को पचाने में बहुत ही सहायक होती है।

सूजन –

सूजन आना कोई आम बात नहीं है कभी-कभी हमारे गले में सूजन आ जाती जिससे हमे बोलने में भी तकलीफ होती है।

यदि आपके गले में सूजन है तो आप पीसी इलायची का सेवन करके गले की सूजन को कम कर सकते है।

खासी –

सर्दी जुखाम हो जाने पर हमें हल्की खांसी आना शुरू हो जाती है ऐसे में आपको लौंग, अदरक, पान के पत्ते के साथ इलायची मिला कर खा सकते है।

यह भी जाने –

यदि आप साबुत इलायची का इस्तमाल रोज के खाने में करते है तो हमें इसका इस्तमाल निश्चित मात्रा में करना चाहिए ताकि हमें इससे होने वाले फायदे से हमारे शरीर को पूरा लाभ मिले।

इस आर्टिकल में इलायची से जुडी जानकारी शेयर की गई है ताकि आपको भी इसे खाने से होने वाले लाभ और हानि के बारे में जानकारी हो।

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