दोस्तों इस आर्टिकल में पालतू जानवरो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में शेयर किये गए जिसके माध्यम से आप अपने बच्चो को स्कूल में सिखाये जाने वाले जानवरो के नाम के अलावा घर में कुछ नए नाम सीखा सके क्योकि स्कूल में जानवरो के नाम, रंगो के, फलो के नाम सिखाये तो जाते है लेकिन उन्हें 5 या 10 नाम ही सिखाये जाते है।

यदि आप अपने बच्चो के नॉलेज को बढ़ाना चाहते है तो आप अपने बच्चो को इस पोस्ट के माध्यम से पालतू पशुओं के नाम हिंदी और अंग्रेजी में बहुत आसानी से सीखा सकते है इसके अलावा आप यहां दी गई फोटो कि सहायता से अपने बच्चो को इन से परिचित भी करा सकते है।

सबसे पहले हम आपको बताना चाहेंगे की ऐसे जानवर जो मानव जाति द्व्रारा शौक के लिए पाला जाता है वह सारे जानवर ही पालतू जानवरो में नहीं आते है क्योकि कुछ लोग शेर, चीता, भालू, हिरण आदि को भी शौक के लिए पालते है लेकिन यह जंगली जानवर है इसलिए इन्हे सभी लोग नहीं पाल सकते है।

चलिए तो अब पालतू जानवरो के नाम हिंदी और अंग्रेजी उनकी पहचान से आपको परिचित कराते है।

पालतू जानवरो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में

  1. कुत्ता – Dog ( डॉग )

भारत में सबसे ज्यादा पालने जाने वाला जानवर कुत्ता है शुरू बात में कुत्ते को घर की सुरक्षा के लिए पाला जाता था। कुत्ता जानवरो में सबसे बफादार जानवर माना जाता है।

कुत्ते की मादा जाति को कुतिया कहते है इनका जीवन काल 12 साल तक का होता है कुत्तो की सुघने की क्षमता बहुत तेज होती है इसीलिए यह जानवरो का शिकार करने में, गुनेहगार को पकड़ने के लिए पुलिस का बहुत सहयोग करते है।

कुत्ता सर्वाहारी प्राणी में आता है यह मानव जाति के साथ जल्दी घुल मिल जाता है सबसे जाता कुत्तो की मौत कैंसर के कारण होती है।

2. बिल्ली – Cat ( कैट )

बिल्ली का नाम भी सबसे ज्यादा पाले जाने वाली पालतू पशुओ में आता है क्योकि यह किसानो का बहुत साथ देती है इसलिए किसानो द्व्रारा इसे सबसे ज्यादा पाला जाता है।

बिल्ली भी सर्वाहारी पशु है लेकिन बिल्ली सबसे ज्यादा दूध पीना पसंद करती है साथ मांस खाना भी इसे बहुत पसंद होती है।

बिल्ली में कुल 30 दाँत होते है 16 शीर्ष पर, 14 नीचे होते है 4 दाँत शिकार करने के होते है जिन्हे कैनाइन कहा जाता है और 4 दाड़े होती है।

यदि आप बिल्ली को अपने घर में पालना चाहते है तो बिल्ली को रोज नहाना और बालो की सफाई के साथ रोज दाँत साफ़ करना बहुत जरूरी है।

3. गाय – Cow ( काऊ )

गाय भारत में सबसे ज्यादा पाले जाने वाला पालतू पशु है कुछ लोग इसे दूध के उत्पादन के लिए पालते है गाय शाकहारी होती है यह भूसा हरी पत्ती, घास और अनाज को ही खाती है।

गाय की देशी नस्ल 30 प्रकार की होती है जिसमे से मध्य प्रदेश में साहीवाल गाय एक वर्ष में लगभग 2000 से 3000 लीटर तक दूध देती है। साहीवाल गाय एक बार माँ बनने के बाद लगातार 10 महीने तक दूध देती है इसीलिए मध्य प्रदेश में इसे सबसे ज्यादा पाला जाता है डांगी नस्ल की गाय सबसे कम दूध देती है।

पूरे भारत में गुजरात में गिर नस्ल की गाय जिसका मूल स्थान गुजरात है सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय है यह गाय एक दिन में 50 से 80 लीटर दूध देती है।

4. भैंस – Buffalo ( बफैलो )

भैंसो की 26 प्रकार की नस्ल होती है यदि बात की जाए की 26 नस्लों में से सबसे अधिक दूध देने वाली भैस कौन सी है तो सबसे पहले मुर्रा नस्ल वाली भैस का नाम आता है।

सबसे पहले तो मैं आपको बता दू की गर्भधारण करने के बाद व्याने तक के समय ग़र्भकाल कहा जाता है भैस में गर्भकाल 310 से 315 दिन तक का होता है।

भैस एक बार व्याने के बाद पहले कम मात्रा में दूध देती है धीरे-धीरे 100 दिन बाद एक सही मात्रा में दूध देना शुरू करती है और लगभग 45 से 50 सप्ताह तक दूध देती है।

5. बकरी – Goat ( गॉट )

बकरी भी एक बहुत ही अच्छा पालतू पशु है बकरी दूध कम मात्रा में देती है उसी तरह इसे पालने में भी कम खर्च होता है यह एक शाकाहारी पशु है इसीलिए इसके दूध को शुद्ध दूध माना जाता है।

बकरी के चार पेट होते है जिनके नाम रूमेन, रेटिकुलम, ओमेसम और एवामेसम कहते है एक घास पूस जो भी खाती है उसे सीधे अंदर रखती जाती है और जब आराम करने बैठती है तब यह जुगारी करती है खाये हुए खाद्य को वापस से मुँह में ला कर दांतो से अच्छी तरह चबाती है फिर वापस अंदर ले जाती है।

बकरिया एक साल में दो बार बच्चे देती है इनका गर्भकाल 5 महीने का होता है सबसे बड़ी बात तो यह है की यह एक बार में तीन से पांच बच्चो को जन्म है।

6. घोड़ा – Horse ( हॉर्स )

घोड़ा बहुत कम लोगो द्व्रारा पाला जाता है कुछ लोगो को घुड़सवारी का शौक होता है इसीलिए पालते है तो कुछ घोड़े के माध्यम से पैसे कमाने के लिए पालते है।

घोड़ो को राजा महाराजा के समय मतलब 500 से 600 साल पहले से ही पाला जाता है घोड़े की आँखे 360 डिग्री देख सकती है।

नर घोड़े में 40 दांत और मादा घोड़े में 36 दांत होते है इनके दांत बहुत बड़े होते है जिसके कारण यह ज्यादा जगह घेरते और दिमाक कम जगह में होता है।

घोड़े का जो दिमाक होता है उसका वजन 360 ग्राम होता है जब घोड़े दौड़ते है तो उनके चारो खुर एक साथ जमीन पर गिरते और उठते है।

घोड़े के कान में 16 पसलिया होती है इनमे सुनने की क्षमता 14 hz से 25 khz होती है।

7. खच्चर – Mule ( मुले )

खच्चर का उपयोग सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में किया जाता है इसमें गधे से मिलते जुलते गुण होते है।

खच्चर का जन्म पूरी तरह से अप्राकृतिक है क्योकि इसका जन्म एक घोड़े और गधी के मिलने से हुआ है।

खच्चर मेहनती पालतू पशु में आता है इसे सबसे ज्यादा पहाड़ी क्षेत्र सबसे ज्यादा देखने को मिलते है।

8. बंदर – Monkey ( मंकी )

बंदर की कम से कम 260 प्रजातिया है जिसमे से कुछ बंदर जमीन रहना पसंद करते है और कुछ पेड़ पर रहना पसंद करते है।

बंदर ज्यादा तर झुंड में रहना पसंद करते है सबसे छोड़ा बंदर एक चूहे जितना होता है और एक बड़े बंदर का वजन 35 kg तक होता है।

बदंर की उम्र 15 साल तक होती है बंदरो की कुछ आदते बिल्कुल इंसान की आदतों से मिलती है जैसे खाने का तरीका बैठने का तारिका बच्चो को प्यार करने के तरीका ऐसी बहुत सारी आदते होती है जो इंसानो से मेल खाती है।

बंदरो में दांतो की संख्या अलग-अलग होती है जैसे कुछ में बंदरो में 32 और कुछ में 36 दांत होते है बंदर सबसे ज्यादा फल और सब्जिया खाना पसंद करते है।

बंदर की आँखे बिल्कुल इंसान के जैसी होती है और इनकी नाक सपाट होती है बंदर अपनी पूछ की सहायता से अपने शरीर का संतुलन बनाये रखते है।

9. ऊंट – Camel ( कैमल )

ऊंट रेगिस्तान में पाला जाने वाला पालतू पशु है इसे सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में और सवारी के लिए इस्तमाल किया जाता है ऊँट के घुटने और गरदन कठोर होती है जिससे उठने बैठते समय घुटनो को रगड़े से बचाते है।

ऊँट का शरीर बहुत बड़ा होता है इसकी चार टांगे होती है दो आँखे, दो होठ होते है ऊँट में देखने और सुनने की क्षमता अधिक होती है।

जब रेगिस्तान में तूफ़ान चलता है तो ऊँट की आँखो में तीन परत होती है जो आँखो में धूल जाने से रोकती है और इनके नथुने नाक के सामने आ जाते जिससे नाक में भी धूल नहीं जाती है।

ऊँट को सबसे शांत प्रजाति का जानवर माना जाता है ऊँट का गर्भकाल 9 से 14 महीने का होता है इनके बच्चे जन्म के कुछ घंटो बाद ही चलना शुरू कर देते है।

10. गधा – Donkey ( डंकी )

गधे को सबसे ज्यादा मेहनती जानवर माना जाता है प्राचीन काल से गधे का इस्तमाल सामान को एक जगह से दुरी जगह ले जाने में किया जाता है।

गधो में याद रखने की क्षमता बहुत तेज होती है यदि गधे को एक जगह ले जाये या किसी गधे मिलाया जाए तो उसे 25 साल बाद तक भी याद रहता है।

गधे अधिक तर झुंड में रहते है लेकिन यह बकरियों के झुंड में रहना ज्यादा पसंद करते है। गधो की सुनने की क्षमता बहुत तेज होती है गधे की उम्र 30 से 40 साल होती है।

गधे शाकाहारी होते है यह घास और भूसा खाते है गधो को बारिश बिल्कुल भी पसंद नहीं होती है क्योकि ज्यादा बारिश इन्हे नुकसान पहुँचती है।

11. खरगोश – Rabbit ( रैबिट )

खरगोश बहुत ही प्यारा जानवर है पालतू खरगोश की 305 प्रजातिया है और 13 प्रजातिया जंगल में पाई जाती है।

जिस खरगोश को पाला जाता है वह यूरोपियन खरगोश है यूरोपियन खरगोश का जीवनकाल 8-10 साल का होता है।

खरगोश का गर्भकाल 30-32 दिन का होता है इसीलिए यह एक साल में तीन चार बार बच्चो को जन्म देते है खरगोश एक बार में 3-7 बच्चो को जन्म देता है।

खरगोश 6-7 घंटे तक खाना खाते है ये सर्वाहारी प्राणी है यह फल सब्जी और मास खाता है खरगोश उल्टी नहीं कर सकते है।

खरगोश जब सोते है तो उनकी आँखे खुली रहती है यह एक दिन में 8 घंटे सोते है और एक दिन में 18 झपकियाँ लेते है।

खरगोश 35-40 किलो मीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकते है खरगोश में सबसे तेज जैक प्रजाति के खरगोश भागते है यह दुश्मन से बचने के लिए कभी भी सीधे नहीं भागते है।

12. चूहा – Rat ( रैट )

चूहे घर में रोज देखने को मिलते है लेकिन कुछ लोग शौक के लिए इन्हे पालते भी है।

चूहा स्तनधारी प्राणी है चूहे की देखने की क्षमता कम होती है इसीलिए यह नाक की सहायता ले कर आगे का रस्ता तय करते है यदि चूहे एक बार अपने खाने में जहर का स्वाद ले ले तो वह उस स्वाद को कभी नहीं भूलते है।

यदि चूहे को 5 मंजिल ऊपर से भी फेका जाये तो भी इसे कोई चोट नहीं लगती है।

चूहे को कभी पसीना नहीं आता है यह बिना पानी के भी कई दिनों तक जीवित रह सकता है।

चूहे का ह्रदय एक मिनट में 632 बार धड़कता है चूहे के दांत उनकी मृत्यु तक बढ़ते है इसीलिए यह अपने दांतो को हमेशा पीसते रहते है।

13. सांड – Bull ( बैल )

सांड गाय की तरह ही होता है लेकिन इसका वजन अधिक और शरीर शक्तिशाली होता है कुछ समय पहले सांड की नस बंदी करके बैल बनाया जाता था और कृषि कामो में इसे शामिल किया जाता है।

सांड बच्चो को जन्म देने में अपनी भूमिका निभाते है। सांड़ का वजन 1100 kg तक हो सकता है।

सांड का जीवन काल 25 वर्ष का होता है सांड के चार पैर होते है।

14. हाथी – Elephant ( एलीफैंट )

हाथी जंगली और पालतू दोनों ही जानवर में आता है इसका शरीर बड़ा विशाल और वजन वाला होता है जिसके कारण यह धीमी गति से चलते है।

इसका शरीर बड़ा होने के कारण शक्तिशली भी होता है इसीलिए जंगल के जानवर इससे डरते है जब यह चिल्लाता है तो इसकी आवाज सुन कर जानवर दूर भाग जाते है।

दुनिया का सबसे बड़ा हाथी अफ्रीका में पाया जाता है अफ्रीका में अधिक गर्मी के कारण इसके कान बहुत बड़े होते है।

एक हाथी एक बार में लगभग 300 किलो खाना और 150 किलो पानी पी लेता है।

हाथी की आँखे कमजोर होने के कारण यह अपनी सूड़ से जमीन पर हवा फूकते रहते है जिससे यह हवा वापस आ कर उनकी नाक से टकराती जिससे ये आगे का रास्ता तय करते है।

15. कछुआ – Tortoise ( टॉर्टोइसे )

कछुआ जल और थल दोनों जगह रहने वाला जीव है कछुए का ऊपर का शरीर बहुत ही कठोर होता है इसे कितने भी ऊपर से फेका जाए इसके ऊपर हिस्से से खून नहीं निकलता है।

इसके ऊपर के खोल में 60 हड्डिया होती है जो एक दूसरे से जुडी रहती है जिससे ऊपर का हिस्सा कठोर हो जाता है।

प्रकृति में अभी भी 100 वर्ष से भी पुराना कछुए पाए जाते है कछुए शिकारी से बचने के लिए अपने सिर और पैर को अपने खोल के अंदर कर लेता है खोल को देखने के बाद शिकारी समझ नहीं पाता है की यह कछुआ है।

कछुए की दौड़ने की रफ्तार 1.6 किलो मीटर प्रति घंटा है कछुए के कवच को देख कर पता लगाया जा सकता है कछुआ किस इलाके का है।

16.बत्तख – Duck ( डक )

बत्तख भी जल और थल दोनों स्थान में रहने वाला जीव है ये दिखने में बहुत ही सुंदर लगते है इनका पालन सबसे ज्यादा अंडे और मांस उत्पादन के लिए किया जाता है।

वैसे तो इसकी 40 प्रजाति खोजी जा चुकी है लेकिन सबसे ज्यादा सफेद बत्तख को पसंद किया जाता है।

वैज्ञानिको द्व्रारा माना जाता है बत्तख और हंस एक ही प्रजाति के जीव है परंतु बत्तख का शरीर हंस से छोटा होता है।

बत्तख एक साल में 300 अंडे देती है मतलब बत्तख मुर्गी से ज्यादा अंडे देती है।

बत्तख का जीवनकाल 10 वर्ष का होता है।

17. सूअर – Pigs ( पिग्स )

सूअर सर्वाहारी पशु है सूअर पालन व्यवसाय बन गया है इसका व्यसाय करने के लिए कम पैसे और जगह में शुरू किया जा सकता है।

सूअर की चर्बी, गोद, चमड़ा, खाद इंसुलिन और बहुत से प्रकार की दवाई बनाई जाती है और सबसे ज्यादा इन्ही के कारण बीमारिया भी फैलाई जाती है यदि किसी की हड्डी टूट जाती है और उस हड्डी पर सूअर के घी की मालिस की जाती है तो वह हड्डी बहुत जल्द जुड़ जाती है।

सूअर के बालो का इस्तमाल पुताई के लिए ब्रश बनाने में किया जाता है।

सूअर का गर्भकाल 114 दिन का होता है यह एक बार में 12 बच्चे तक देते है और एक साल में दो बार बच्चे देते है।

सूअर में दाँतो की संख्या 44 होती है यह एक दिन में 50 लीटर तक पानी पी सकते है।

18. मुर्गी – Hen ( हेन )

मुर्गी को सबसे ज्यादा व्यवसाय के लिए पाला जाता है मुर्गी पालन करना आसान भी है और थोड़ा कठिन है समय के साथ इनके खान पान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।

मुर्गी और इसका चूजे स्वतंत्र खेलना कूदना ज्यादा पसंद करते है इन्हे धुप बहुत पसंद होती है।

जिस तरह से इंसान अपने परिवार के साथ रहते है साथ में खाते पीते है और सब का ख्याल रखते है उसी तरह मुर्गी भी अपने परिवार के साथ ज्यादा खुश रहते है ये एक दूसरे के लिए अपने जान तक देने के लिए तैयार होते है जिस तरह हम इंसान सपने देखते है उसी तरह से चिकन भी अपने सपनो में बाहर की दुनिया घूमते है।

मुर्गी अंडे में पल रहे चूजे से भी बात कर सकती है और चूजा भी अंडे के अंदर से चहचहाते है।

मुर्गी का जीवन काल 5-11 साल का होता है ज्यादा तर मुर्गिया सुबह के 7 बजे से 11 बजे तक अंडा देती है।

19. लामा – Lama ( लामा )

लामा पशु का शरीर दिखने में ऊट जैसा होता है यह पशु सभी तरह के आवास में रहने के अनुकूल होता है।

इसे पालने का ऊन उत्पादन के लिए किया जाता है इनका शरीर मृत्यु के बाद भी बहुत बहुत उपयोगी होता है।

लामा को पूरी तरह बालो से ढका होता है पूछ छोटी होती है लामा को सामाजिक पशु माना जाता है यह झुंड में रहना अधिक पसंद करते है।

लामा पशु की ऊंचाई 5.5 फुट से 6 फुट तक होती है।

20. कबूतर – Pigeon ( पिजन )

कबूतर पालतू पक्षी है जिसे कुछ दिन पिंजरे में कैद करके पाला जाता है इसके बाद इसे पिंजरे से बाहर पाल सकते है क्योकि कुछ दिनों बाद इन्हे बिना मेहनत किया खाने के आदत पड़ जाती है।

कबूतर का वजन 2-3 किलो तक होता है इनमे एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पैर के साथ दो बड़े-बड़े पंख भी होते है पंखो की सहायता से ये 6000 फ़ीट की ऊंचाई तक और 84 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ सकता है।

कबूतर अपने बच्चो को अंडे के रूप में जन्म देते है इन अंडो में से कुछ दिन बाद बच्चे निकल आते है कबूतर का सामान्य जीवन काल 5 साल का होता है यदि इसे पिंजरे में पाला जाता है तो यह 15 साल तक जीवित रह सकता है।

21. याक – Yak ( याक )

याक एक पालतू पशु है जिसे तिब्बत के ठंडे और वीरान पठार, नेपाल और भारत के उत्तरी क्षेत्र में पाला जाता है।

इसे चमरी गाय या याक के नाम से जाना जाता है इसका शरीर लम्बे घने मोटे बालो से ढका होता है इसका रंग काला, भूरा, सफेद और धब्बेदार होता है।

याक के शरीर का तापमान बहुत अधिक होता है इसलिए यह अपने शरीर के तापमान को सामान्य बनाये रखने के लिए जमे हुए पानी में तैरने में सक्षम होता है।

जिस तरह से गाय कुछ भी खाने के बाद उसे चबाने में अधिक समय लगाती है उसी तरह से याक में खाने को चबाने में बहुत देर लगाता है।

याक अपने सींग का इस्तमाल बर्फ तोड़ने के साथ शिकारी से सुरक्षा के लिए भी करते है।

22. गिलहरी – Squirrel ( स्क्वीररेल )

गिलहरी को अक्सर पेड़ो पर खेतो में या हरयाली वाली जगह पर उछल कूद करते हुए देखा जाता है।

गिलहरी का आकार छोटा होता है इसके आगे के दो दांत बड़े होते है इन बड़े दांतो की सहायता से यह किसी खाद्य को आराम से काट देती है।

गिलहरी सबसे ज्यादा अखरोट खाना पसंद करती है अखरोट को यह जमीन के अंदर गढ्ढा करके रख देती ताकि यह दुबारा इसे खा सके।

23. बिल्ली के बच्चे – Kittens ( किटनेस )

बिल्ली जब बच्चो को जन्म देती है तो बच्चो का आकार चूहे के जितना होता है बिल्ली के बच्चे की आखे 10 से 12 दिन में खुल जाती है।

बिल्ली के बच्चे में 26 दाँत होते है और वयस्क बिल्ली में 30 दांत होते है यदि आप बिल्ली के बच्चे पालना चाहते है तो उनके बाल नाख़ून और दांत की सफाई नियमित रूप से करे।

24. बछड़ा – Calf ( काफ )

गाय के बच्चे को बछड़े कहते है जन्म के ठीक बाद बछड़े की नाक और मुँह से कफ अथवा श्लेष्मा इत्यादि साफ किया जाता है।

गाय को बछड़े को जन्म देने के बाद अपनी जीभ से न चाटे तो आप बछड़े को टाट या सूखे कपड़े से पोछकर सुखाये।

बछड़े के जन्म के बाद बछड़े को माँ का पहला दूध पिलाना चाहिए और बछड़ा जन्म के 1 घंटे बाद ही खड़े हो कर दूध पीने की कोशिश करने लगता है।

जब बछड़ा एक महीने का हो जाए तो दूध की मात्रा कम करते जाए और उसी आहार के रूप में दलीय देना शुरू कर दे।

25. तोता – Parrot ( पैरेट )

तोता बहुत ही सुंदर पक्षी है जो इंसान जैसे भी बोल सकता है तोता सब्जी और फल मुख्य आहार है।

तोता पक्षी में मादा तोता अपने अंडे पेड़ के कोटर या तनो के सुराख़ में एक बार में 1 से 12 अंडे देता है।

तोता हमेशा झुंड मे रहते है यह कई रंग के होते है हरा रंग के तोते के गले पर लाल कंठा होता है।

यदि किसी तोते को पिजरे में बंद करके पाला जाता है तो उसे जब भी उस पिंजरे से बाहर निकाला जाता है वह उड़ जाता है क्योकि ये अपने घोसले का रास्ता कभी नहीं भूलते है।

26. रंगीली मछली – Colorful fish ( कलरफुल फिश )

दुनिया में कई तरह की मछलिया है लेकिन उन में से कुछ मछलिया को व्यवसाय के लिए पाला जाता है लेकिन समुद्र में कुछ रंगीन मछलिया रहती जिन्हे लोग अपने घर में कांच के जार में पानी डाल कर पालते है।

उन्हें पालने के लिए कांच के जार में अनाज के दाने मांस और कुछ मछली खा सकते उसे जार में डाले लेकिन जार का पानी नियमित रूप से रोज बदलते रहे ताकि मछली को किसी भी प्रकार की दिक्क्त न हो।

27. मोर – Peacock ( पीकॉक )

हम सभी जानते है की मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है साथ ही एक पालतू पक्षी भी है जिसे मयूर के नाम से भी जाना जाता है।

मोर की गर्दन लम्बी और सुंदर होती है मोर के पंख रंगीन और सुंदर होते है जब मोर अपने पंख फैला कर नाचती है तो बहुत ही सुंदर लगती है।

मोर सर्वाहारी पक्षी होते है जो फल कई प्रकार के पौधे, पंखुड़ी कीड़े मकोड़े आदि को अपना भोजन बनाती है

मोर का जीवन काल 20 वर्ष का होता है यह सबसे ज्यादा सुंदर 5 से 6 वर्ष तक लगती है।

मोरो के नाचने का मुख्य कारण मोरनी को सम्भोग के लिए आकर्षक करने के लिए होता है।

28. गौरैया – Sparrow ( स्पैरो )

गौरैया हमारे घर के आस पास ही देखने को मिल जाती है यह एक पालतू पशु के जैसे होती है गौरैया हल्के भूरे या सफेद रंग की होती है।

गौरैया की लम्बाई 14 से 16 CM होती है इन्हे अक्सर झुंड में ही देखा जाता है और भोजन के तलाश में मीलो दूर का रास्ता तय कर लेती है।

गौरैया अपना घोसला इंसान के घर के पास बनाती है इन्हे अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नामो से जाना जाता है।

यह बारिस के मौसम में कीड़े खा कर अपना पेट भर्ती है यह सर्वाहारी पशु में आती है।

यह अपने बच्चो को अंडे में जन्म देते है एक बार में 3 से 4 अंडे दे सकती है अंडे सुरक्षित रहे इसके लिए यह अंडो को घोसले में छिपा कर रखती है।

अंडे से बच्चे निकलने के बाद चिड़िया घोसले में ही बच्चो को भोजन खिलाती है जब तक बच्चे उड़ने नहीं लगते है।

29. मैना – Myna ( मैना )

मैना पक्षी की आवाज बहुत ही मीठी होती है यह सबसे ज्यादा अपनी आवाज के कारण ही पहचानी जाती है।

मैना को सबसे ज्यादा झुंड में घुमना फिरना पसंद होता है और समूह में ही भोजन करती है सर्वाहारी होने के कारण ये फसल, फल, सब्जी, कीड़े मकोड़े मेढ़क सभी को खा लेती है।

इस छोटी सी मैना का वजन 138 ग्राम होता है इसकी लम्बाई 9.1 इंच होती है मादा मैना अपने बच्चो को अंडे में जन्म देती है यह एक बार में 3 से 5 अंडे देती है अंडे में से बच्चे 13 से 18 दिन में बाहर निकल आते है।

मैना का जीवनकाल वैसे तो 13 से 14 वर्ष का होता है लेकिन कुछ मैना 20 साल तक भी जीवित रह सकती है।

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इस पोस्ट में पालतू जानवरो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में शेयर किये गए है इसके आलावा हमने इस पोस्ट में सभी जानवरो के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी है ताकि आपको भी इनके बारे में जानकारी हो।

आशा करती हूँ आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नए जानवरो के नाम जानने को मिले होंगे यदि आपको मेरी यह पोस्ट पसंद आई हो तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताये और अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे।