लहसुन खाने के फायदे

लहसुन खाने के फायदे

लहसुन खाने के फायदे

आये जानते है  लहसुन खाने के क्या फायदे है।

1. लहसुन हाई बीपी को नियंत्रित करता है।

यदि  आपके शरीर में “एसीई ” नामक एंजाइम का उत्पादन बढ़ जाता है , तो ऐसे में आपका ब्लैड प्रेशर बढ़ जाता है इस दोरान आप डॉक्टर से इलाज करवाते है जिससे आपको अंग्रेजी दवाया खाने की सलाह दी जाती है जो इस एंजाइम कम करने में सहायक होती है अंग्रेजी दवाइयाँ आपके शरीर में एसीई एंजाइम को तो कम करती है , लेकिन इन दवाइयों के उपयोग से आपके शरीर में कई सारे दुष्प्रभाव होते है।

लेकिन लहसुन में गामा ग्लूटामिलसीस्टीन एसीई नामक एक अवरोधक होता है लहसुन में इसकी उपस्थित के कारण जब लहसुन का सेवन किया जाता है तो यह धमनियों को चौड़ा कर देता है जिससे हाई ब्लैड प्रेसर को नियंत्रित किया जा सकता है।

रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन करने से आपका ब्लैस प्रेसर नहीं बढ़ेगा। ब्लैड प्रेसर के मरीज को रोजाना चार कालिया कहना चाहिए।

2. लहसुन के उपयोग से ह्रदय से संबधित रोगो के लिए बहुत फायदे मंद है।

लहसुन खाने से रक्त परिसंचरण में सुधार लाने , ह्रदय  रोकने में और कोलेस्टॉल को कम करने में मदद मिलती है लहसुन खाने से धमनियों को सख्त होने की गति को धीमा कर देता है यह हार्टअटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।

लहसुन के सेवन से दिल से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है , और यदि आप रोजाना खाली पेट 1 चम्मच शहद के साथ चार लहसुन की कालिया खाओगे तो ब्लैड प्रेसर संतुलित रहता है।

3. लहसुन के इस्तमाल करके आप दांत का दर्द भी दूर कर सकते है।

हमारे मुँह में लगभग 500 से अधिक बैक्टीरिया प्रजाति पाई जाती है , इनमे से कुछ बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते है और कुछ हानिकारक होते है मुँह को स्वस्थ रखने के लिए दोनों की मात्रा संतुलित रखनी पड़ती है।

लहसुन मेंएलिसिन पाया जाता है जो ख़राब बैक्टीरिया को मुँह में बढ़ने से रोकता है और अच्छे बैक्टीरिया को मुँह बढ़ने में मसूड़ों से सबंधित रोगो को रोकता में मदद करता है।  यदि आपके दाँत में दर्द रहता है तो आप लहसुन का छिलका उतर कर क्रश कर ले और जिस दाँत में दर्द है उस पर या दाँत के मसूड़े पर लगा ले इसे लगाने से दांत का दर्द कम हो जाता है

4. लहसुन पेट से जुडी समस्याओ से छुटकारा दिलाता है

लहसुन पेट से जुडी बहुत सारी समस्याओ से छुटकारा मिल सकता है लहसुन एक ऐसा खाद्य पदार्थ है पाचन तंत्र में पाचन रस के स्राव को बढ़ाता है लहसुन को लौंग के साथ कुचल कर पानी के साथ मिला कर पीने से  या लहसुन को भून कर खाने पेट के  बिकारो से राहत मिलती है।

लहसुन खाने से कब्ज और गैस की समस्याओ में भी आराम मिलता है

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों जैसे जिंक और आयरन की जरूरत होती है यदि आपको भी आयरन या जिंक की कमी है तो आप रोजाना का खाने में लहसुन को भी शामिल करे क्योकि लहसुन का सेवन खाद्य पदार्थो में मौजूद आयरन और जिंक दोनों को सकारात्मक रूप कर शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है।

5. लहसुन के उपयोग से सर्दी और खासी को भी नियंत्रित किया जाता है।

लहसुन सर्दी और खासी में अपना काम बहुत ही तेजी से करता है यदि आपको सर्दी या खासी है तो आप लहसुन को भून कर खाये इसे खाने से आपको बहुत ही जल्दी आराम मिल जायेगा , और यदि आपके घर में छोटा बच्चा है और उसे भी सर्दी , खासी या सर्दी होने के कारण सास लेने में तकलीफ हो रही है , आप लहसुन कुछ कालिया ले और उनके छिलके उतार ले फिर उन कलिओ को एक धागे में पिरो कर ( धागे में सूजी के सहायता से डालना है ) माला बनाना ले। अब

 

6. लहसुन के औषधी गुण से कैंसर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

लहसुन में एन्टी ऑक्सीडेंट होता है जो फ्री रेडिकल्स को डीएनए कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से रोकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की शरीर में कारसिजेनिक तत्वों होता है जिसकी मात्रा शरीर में बढ़ने से कैंसर होता है लेकिन लहसुन में इसे यौगिक मौजूद होते है जो कारसिजेनिक तत्वों को बढ़ने से रोकती है या उन्हें ख़त्म कर देती है लहसुन शरीर में कैंसर पैदा  करने वाले हानिकारक तत्वों की बढ़ने की गति को धीमा कर देता है।

मेडिकल रिपोर्ट  आधार पर कैंसर कई प्रकार का होता है जैसे ब्लैड कैंसर , पेट का कैंसर ,किडनी कैंसर , प्रोस्टेट कैंसर , ब्रैस्ट कैंसर , ओवरी कैंसर , लीवर कैंसर , ओरल कैंसर इत्यादि।  लेकिन लहसुन के सेवन से आप इन सब को बचा सकते है।

एक महत्वपूर्ण बात यदि आपको लहसुन खाना पंसद नहीं है तो आप एक हप्ते में एक लहसुन की कली को खा कर कोलिन कैंसर की 30% तक कम कर सकते है और यदि आप एक हप्ते में 5 कालिया खाते है तो आप पेट के कैंसर की 55% तक कम कर सकते है इसके आलावा इसी आप प्रति दिन सुबह लहसुन का सेवन करते है तो आप 44% फेफड़े के कैंसर के खतरे को काम कर सकते है।

आप लहसुन को सुबह खाने से पहले छिलके निकाले और काट कर 10 मिनट के खुली हवा रख दे , ऐसा करने से लहसुन औषधी हवा के सम्पर्क में आते है बढ़ जाते है , इसलिए आप जब भी लहसुन का सेवन करे तो पहले उसे काट कर 10 से 15 मिनट के खुली हवा में रख दे फिर इसका उपयोग करे।

7. लहसुन को वजन कम करने के लिए भी किया जाता है।

मावन जाती में लोगो खान पान और प्रदूषण के कारण वजन बढ़ना एक आम बात हो गई है कई लोग बेवजह बड़े वजन से खुस नहीं होते है और अपना वजन कम करने के लिए कई तरह की दवाइयों का सेवन  है जिससे उनका वजन कम हो न हो लेकिन उन दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण कई  बीमारियों के शिकार हो जाते है।

यदि आप भी बेवजह बड़े मोटापे से परेशान है तो आप लहसुन का सेवन करके बेवजह बड़े वजन को आसानी से काम कर सकते है क्योकि एलिसिन एन्टीऑक्सीडेट कम्पाउंड होता है जो शरीर की अतिरिक्त वसा को कम कर वजन प्रबंधन में महत्पूर्ण भूमिका निभाता है।

एलिसिन एंटीऑक्सीडेन कम्पाउंड शरीर के मेटाबॉलिजम रेट को तंदरूत और मजबूत बना कर रखता है शरीर में एनर्जी बूस्ट करते है , जिससे वजन कम करने में बहुत मदद मिलती है। और शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और फैट को कम करने में मदद मिलती है। लहसुन को भूख कम करने वाला एजेंट भी मन जाता है।

8. कान दर्द में लहसुन का उपयोग

अक्सर छोटे बच्चो में कान दर्द होने लगता है जो किसी भी कारण से हो सकता है यदि बच्चो या बड़ो के में कान का दर्द शीत की बजह से हो तो आप सरसो के तेल के तेल लहसुन को छील कर डाले और तेल को गर्म कर ले और ठंडे होने पर तेल की दो – दो बूँद तेल डाल दे इससे आपके बच्चे के कान  दर्द और खुजली दोनों ही कम हो जायेगा।

यदि आपके बच्चे के कान से मवाद आ रही तो आप कान में तेल न डाले इसके लिए आप पहले डॉ. से परामर्श ले।

9. मधुमेह में लहसुन है बहुत ही फायदेमंद

यदि आप या आपके परिवार में कोई भी सदस्य मधुमेह से पीड़ित है तो आप दो हप्ते लहसुन सेवन करेंगे तो टाइप डाइबटीज डायबिटीज के मरीज की शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है कच्चा लहसुन खाने से शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है साथ ही इसके सेवन से कोलेस्टॉल को भी नियंत्रित भी किया जा सकता है।

10. आँखो के लिए लहसुन के फायदे

लहसुन में एथैनकमीबा नामक प्रकार का एक अमीबा पाया है जो आँखो के संक्रमण खासकर केरेटाइडटिस का कारण बन सकता है लहसुन में अमीबा को खत्म करने के गुण पाए जाते है जो इस अमीबा से बचा कर आँखो को संक्रमित होने के खतरे को कम कर सकता है।

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