कॉर्न फ्लोर एक तरह का आटा होता है जो मक्के का स्टार्च होता है बहुत से लोग मक्के के आटे को ही कॉर्न फ्लोर समझ लेते है।

मक्के के स्टार्च को कॉर्न फ्लोर और मेज स्टार्च के नाम से भी जाना जाता है कॉर्न फ्लोर बनाने के लिए मक्के के दानो के ऊपर के पीले छिलके को निकाला जाता है उसके बाद इसे पाउडर जैसे बारीक़ पीसा जाता है।

कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है इसके साथ ही तरल पदार्थो को गाढ़ा करने में भी कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल किया जाता है।

कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल हम अपने खाने में कई तरह से करते है क्योकि इसमें भरपूर मात्रा में स्टार्च होता है जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

कॉर्न फ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व

क्रमांकपोषक तत्व
1.फोलेट विटामिन बी 9
2.विटामिन बी 3 (नियासिन)
3.विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन)
4.विटामिन बी 1 (थियामाइन)
5.फाइबर
6.फैट
7.कार्बोहाइड्रेट
8.प्रोटीन
9.एनर्जी
10.आयरन
11.पोटैशियम
12.जिंक
13.फॉस्फोरस
14.मैग्नीशियम
15.कैल्शियम

कॉर्न फ्लोर का उपयोग

कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल आलू टक्की, सेव टिक्की, पोहा टिक्की, केला टिक्की बनाने में किया जाता है।

आइसक्रीम बनाने के लिए जब दूध का गाढ़ा करने की जरूरत होती है तो दूध में कॉर्न फ्लोर घोल दिया जाता है क्योकि इसमें स्टार्च होता है जिसे खाने के बाद हमारे शरीर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।

रस मलाई, गुलाब जामुन, छेना का रसगुल्ला बनाने में इसका इस्तमाल किया जाता है।

कॉर्न स्टार्च को बेकिंग पाउडर के साथ मिला कर फलो को कोड करने में किया जाता है।

हल्वे और कुकीज को पौष्टिक बनाने के लिए अन्य सामग्री के साथ कॉर्न फ्लोर का उपयोग किया जाता है।

बेबी पाउडर बनाने में भी कॉर्न स्टार्च का इस्तमाल किया जाता है।

हमारे रसोई घर में जो सॉस, स्टेव और सूप होते है जब उन्हें गाढ़ा करने के लिए कॉर्न स्टार्च का इस्तमाल किया जाता है।

जब भी हम कोई भी डी फ्राई फ़ूड बनाते है तो उसे कोड करने के लिए कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल करते है।

बच्चो में बढ़ते घटते ग्लूकोस के स्तर को सामान्य करने के लिए 6 महीने के बच्चे से 1 साल तक बच्चे के खाने में कॉर्न स्टार्च का इस्तमाल करने की सलाह दी जाती है क्योकि यह ग्लाइकोजन स्टोरेज डिजीज वाले लोगो के लिए ब्लड शुगर के स्टार को सामान्य बनाये रखता है और ग्लूकोस के उतार चढ़ाव को रोकता है।

कॉर्न फ्लोर खाने के फायदे

  • कॉर्न फ्लोर में आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड, विटामिन के आलावा ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते है।
  • कॉर्न फ्लोर से बने व्यंजन बहुत ही स्वादिष्ट होते है इसलिए इसका इस्तमाल हमारी रसोई में बहुत उपयोग में लाया जाता है ऐसे में यदि बच्चे कोई पोषक तत्व वाले खाद्य खाना पसंद नहीं करते है तो आप उन्हें कॉर्न फ्लोर से बने पौष्टिक व्यंजन खिला सकते है।
  • कॉर्न फ्लोर में पाए जाने वाला पॉलीफेनोल्स एंटीओक्सिडेंट हमारे शरीर की सूजन को कम करता है और स्वास्थ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
  • कॉर्न फ्लोर में उपस्तिथ अघुलशील फाइबर जैसे सेल्यूलोज, ऐमिलोस और लिग्निन पाचन क्रिया को आसान कर देते है जिन्हे आंते बहुत ही सरलता से पचा देती है जो आंतो को लाभकारी होती है।
  • कॉर्न फ्लोर का सेवन करने से आपके शरीर को ऊर्जा तो मिलती ही है साथ ही इसमें न्युट्रस भी काफी मात्रा में होता है जो हमारे शरीर को फायदेमंद होता है।
  • मक्के के बने कॉर्न फ्लोर में भरपूर मात्रा में आयरन होता है यदि आप इसका सेवन करते है तो शरीर में कभी भी खून की कमी नहीं हो सकती है यदि आपको पहले से खून की कमी है साथ ही एनीमिया की भी समस्या हो जाती है तो आप अपने रोज के खाने में इसका इस्तमाल करे आपको कुछ ही समय में एनीमिया से निजात मिल जाएगा साथ खून की कमी की पूर्ती हो जायेगी।
  • यदि आप लगातार तेज धुप में काम करते है जिससे आपका चेहरा जल गया है तो आप कॉर्न फ्लोर को पानी से साथ मिला कर पेस्ट बनाये और 15 से 20 मिनट के लिए अपने चेहरे पर या फिर शरीर के किसी भी भाग पर लगाए और बाद में ठंडे पानी से उस भाग को धो दे कुछ ही दिनों में आपकी पहले वाली त्वचा वापस आ जाएगी।
  • मोटापा कम करने के लिए आप अपने रोज के खाने में कॉर्न फ्लोर को जरूर शामिल करे क्योकि इसके बने व्यंजन को खाने से अधिक समय तक भूख नहीं लगती और यह हमारे शरीर में ऊर्जा बनाये रखता है।

कॉर्न फ्लोर खाने से होने वाले नुकसान

  • यदि आप कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल खाने में ज्यादा कर रहे है तो आपका वजन सामन्य मात्रा से कम हो जाएगा क्योकि कॉर्न में कार्बोहाड्रेड अधिक मात्रा में होता है।
  • कॉर्न फ्लोर का सेवन कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने के लिए किया जाता है यदि आप इसका सेवन अधिक करेंगे तो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बड़ा भी सकता है जिसके कारण आपको कई समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है।
  • जिन लोगो को डायबिटीज की समस्या है वह डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही कॉर्न फ्लोर का सेवन करे क्योकि इसमें बहुत से ऐसे यौगिक पाए जाते है जो शुगर लेवल बढ़ाते है।
  • कॉर्न फ्लोर का अधिक सेवन से पाचन क्रिया बिगड़ सकती है इसीलिए एक निश्चित मात्रा में ही कॉर्न फ्लोर का सेवन करना चाहिए।
  • यदि आप मोटापे से परेशान है और आप रोज के खाने में कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल कर रहे है तो आप कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल करना कम कर दे या फिर बिल्कुल भी न करे क्योकि इसमें पाए जाने वाले यौगिक तेजी से बजन बढ़ाने में सहयोग करते है।

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दोस्तों ये थी कॉर्न फ्लोर से जुड़ी जानकरी इस आर्टिकल में कॉर्न फ्लोर और मक्के के आटे की पहचान करने का तरीका और कॉर्न फ्लोर को कैसे बनाया जाता है बताया है।

कॉर्न फ्लोर सेहत के लिए फायदेमंद तो होता ही है यदि इसका सेवन एक निश्चित मात्रा से अधिक किया जाए तो यह आपके शरीर पर बुरा प्रभाव करने लगता है।

यहां आपको कॉर्न फ्लोर को खाने से होने वाले फायदे और नुकसान दोनों से परिचित कराया गया इसीलिए आपको अपने खाने में कॉर्न फ्लोर का इस्तमाल एक सही मात्रा में ही करना है ताकि भविष्य में आगे चल कर आपको किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

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